बेमेतरा , जनवरी 05 -- छत्तीसगढ़ में खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कराए गए डिजिटल फसल सर्वे का कार्य पूरा करने के बावजूद बेमेतरा जिले के डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) सर्वेयरों को अब तक उनका मानदेय नहीं मिल पाया है। लंबित भुगतान को लेकर सर्वेयरों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है। सर्वेयरों ने आज जिला प्रशासन से जल्द से जल्द मानदेय जारी करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील बेमेतरा अंतर्गत सभी ग्रामों में शासन के निर्देशानुसार डिजिटल फसल सर्वे खरीफ 2025-26 का कार्य कराया गया था। यह जिम्मेदारी जिले के विभिन्न गांवों से जुड़े डीसीएस सर्वेयरों को सौंपी गई थी।
डिजिटल फसल सर्वे मोबाइल ऐप के माध्यम से किया गया, जिसमें जीपीएस लोकेशन ट्रैकिंग, खेतों की फोटो कैप्चर करना और प्रत्येक खसरे में जाकर फसल गिरदावली दर्ज करना अनिवार्य था। सर्वेयरों ने तय समय-सीमा के भीतर खेत-खेत जाकर पूरी ईमानदारी से यह कार्य पूरा किया।
सर्वेयरों का कहना है कि कई गांवों में सर्वेयरों की संख्या कम थी, जबकि कार्यभार अधिक और समय बेहद सीमित था। ऐसी स्थिति में उन्हें अतिरिक्त गांवों में जाकर भी सर्वे करना पड़ा।
इस दौरान सर्वेयरों ने अपने निजी संसाधनों का उपयोग किया। मोटरसाइकिल से गांव-गांव आना-जाना, मोबाइल रिचार्ज, इंटरनेट और स्टेशनरी जैसे खर्च स्वयं वहन किए गए। बारिश, कीचड़ भरे खेत, सांप-बिच्छू जैसे खतरों और अन्य जोखिमों के बावजूद सर्वे का कार्य पूरा किया गया।
सर्वेयरों का आरोप है कि उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि कार्य पूर्ण होते ही मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है।
एक सर्वेयर ने बताया, "हमने पूरी मेहनत से डिजिटल फसल सर्वे किया। अपने पैसे खर्च किए, जोखिम उठाए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं मिला। प्रशासन से जल्द मानदेय देने की मांग करते हैं।"सभी सर्वेयरों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि उनके द्वारा किए गए सर्वेक्षण कार्य का लंबित भुगतान शीघ्र जारी किया जाए, ताकि युवा, छात्र और बेरोजगार सर्वेयरों को आर्थिक राहत मिल सके।
फिलहाल सर्वेयर प्रशासन की ओर से किसी ठोस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि डिजिटल फसल सर्वे में जुटे इन सर्वेयरों को उनकी मेहनत का मेहनताना कब तक मिल पाता है।
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