मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए विश्वास एवं आर्थिक सुरक्षा का स्तंभ बन रही है। इस व्यवस्था का लाभ उठाकर जिले के मेंड्रा ग्राम निवासी प्रगतिशील किसान तीरथ राज सिंह ने आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है।
जिला जनसंपर्क अधिकारी से सोमवार को मिली जानकारी के मुताबिक किसान तीरथ ने कोड़ा उपार्जन केंद्र पर तकनीक आधारित पारदर्शी प्रक्रिया के तहत 94 क्विंटल धान का सफल विक्रय किया। डिजिटल तौल, ऑनलाइन प्रविष्टि, रीयल-टाइम जानकारी और पारदर्शी भुगतान प्रणाली ने पूरी प्रक्रिया को सहज एवं विश्वसनीय बना दिया। केंद्र पर किसानों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पानी, छाया और सुव्यवस्थित कतार जैसी सुविधाएं प्रदान की गईं।
किसान तीरथ ने बताया कि पहले के वर्षों में धान बेचने के दौरान अनिश्चितता, लंबा इंतजार, भुगतान में देरी और अव्यवस्था एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी, जिससे किसान मानसिक दबाव में रहते थे लेकिन इस वर्ष लागू हुई अनुशासित डिजिटल व्यवस्था ने इन सभी समस्याओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। समय पर मिलने वाले भुगतान से अब उन्हें अपनी मेहनत का पूरा मूल्य बिना किसी चिंता के प्राप्त हो रहा है।
इस व्यवस्था से प्राप्त समयबद्ध भुगतान ने उसको न केवल अगली फसल की बेहतर तैयारी करने में मदद की है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, कृषि में निवेश और पारिवारिक जरूरतों की योजना बनाने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।
किसान तीरथ की यह सफलता किसान-हितैषी नीतियों की जमीनी सच्चाई को दर्शाती है और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
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