वाशिंगटन , फरवरी 18 -- अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि अमेरिका चागोस द्वीप समूह पर स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे के महत्व को रेखांकित करने के लिए वह मॉरीशस के साथ बातचीत करेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, "अमेरिका और मॉरीशस 23-25 फरवरी तक पोर्ट लुई में विचार-विमर्श करेंगे। इसका नेतृत्व विदेश विभाग का राजनीतिक-सैन्य मामलों का ब्यूरो करेगा और इसमें विभिन्न अमेरिकी अंतर-एजेंसी प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह चर्चा हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चागोस द्वीप समूह और डिएगो गार्सिया पर स्थित अमेरिका-ब्रिटेन सैन्य अड्डे के निरंतर महत्व पर केंद्रित होगी।" इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ सैन्य अड्डे के संचालन को सुनिश्चित करने की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

बयान में आगे कहा गया, "अमेरिका चागोस द्वीप समूह के संबंध में मॉरीशस के साथ अपने समझौते को आगे बढ़ाने के ब्रिटेन के निर्णय का समर्थन करता है। अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ हिंद महासागर में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए चागोस द्वीप समूह में सैन्य अड्डे और अन्य सुविधाओं के निरंतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए ब्रिटेन के साथ एक द्विपक्षीय समझौता करने की अपनी इच्छा दोहराता है।"उल्लेखनीय है कि 3 अक्टूबर, 2024 को ब्रिटेन ने चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने पर अस्थाई रूप से सहमति व्यक्त की थी। इस समझौते में ऐसे प्रावधान शामिल थे जिसके तहत ब्रिटेन, मॉरीशस को वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचा निवेश प्रदान करेगा, जबकि चागोस द्वीप समूह के डिएगो गार्सिया द्वीप पर स्थित हवाई अड्डे पर 99 वर्षों तक अपना नियंत्रण बनाए रखेगा।

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