नयी दिल्ली , दिसंबर 19 -- परंपरागत चिकित्सा पर दूसरे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक सम्मेलन के समापन के अवसर पर शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने पारंपरिक चिकित्सा को दुनिया के स्वास्थ्य तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए भारत की भूमिका की सराहना की।

डॉ. टेड्रोस ने अपना संबोधन हिंदी में नमस्कार के साथ शुरू किया और समापन बहुत बहुत धन्यवाद के साथ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा सदियों से करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य का सहारा रही हैं, ऐसे में इस पारंपरिक ज्ञान और चिकित्सा को आधुनिक विज्ञान, शोध और प्रमाणों के साथ जोड़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकती है।

डॉ. टेड्रोस ने भारत में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन, जामनगर की स्थापना को ऐतिहासिक कदम बताते हुये कहा कि यह केंद्र शोध, मानक तय करने और देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने आयुष मंत्रालय और भारत सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।

श्री टेड्रोस ने योग का उल्लेख करते हुए कहा कि योग आज पूरी दुनिया में स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का माध्यम बन चुका है। उन्होंने भारत के नेतृत्व में योग को वैश्विक पहचान मिलने की सराहना की।

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