धार , फरवरी 18 -- मध्यप्रदेश के धार शहर में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने खुद को सायबर शाखा का पुलिस अधिकारी बताकर, सस्ती दवा का झांसा देकर तथा गेम में मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये हड़प लिए। कोतवाली पुलिस ने तीनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर विशेष टीम गठित की है।

पहले प्रकरण में श्रीनगर कॉलोनी निवासी अनस कुरैशी ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने अपने पिता के लिए एलीट न्यूट्रिशन मेडिसिन ऑनलाइन मंगाई थी। डिलीवरी पता गलत बताकर आरोपियों ने व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से एक लिंक भेजा और उस पर क्लिक करवाया। इसके बाद स्क्रीन कास्ट के जरिए मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर पिता के दो बैंक खातों से करीब एक लाख 45 हजार रुपये निकाल लिए।

दूसरे मामले में छोटा आश्रम निवासी किसान सचिन मंडलोई को टेलीग्राम एप पर प्रतिदिन 2700 से 6000 रुपये कमाने का संदेश मिला। लालच में आकर उन्होंने एप के जरिए गेम खेलना शुरू किया। शुरुआती भुगतान मिलने के बाद आरोपियों ने डेढ़ लाख रुपये मुनाफे का झांसा दिया और 28 स्तर पूरे करने की शर्त रखी। इस दौरान अलग-अलग खातों में एक लाख 73 हजार रुपये जमा करा लिए गए।

तीसरे प्रकरण में सीहोर निवासी राजकुमार ठाकुर को 27 दिसंबर 2025 को फोन कर आरोपी ने स्वयं को भोपाल सायबर शाखा का पुलिस अधिकारी बताया और अनाधिकृत साइट उपयोग करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की धमकी दी। केस समाप्त करने के नाम पर एक लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। बाद में पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।

थाना प्रभारी दीपकसिंह चौहान ने बताया कि पीड़ितों द्वारा सायबर शाखा भोपाल में संपर्क करने के बाद शून्य पर प्रकरण प्राप्त हुए, जिनकी जांच कर धार कोतवाली में कायमी की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और ऑनलाइन लेनदेन में सतर्कता बरतें।

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