नयी दिल्ली , दिसम्बर 20 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. नरेश कुमार ने प्रदेश सरकार पर ठंड के मौसम में गरीब, बेघर और बेसहारा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

डॉ. कुमार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा है।

उन्होंने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में लोग सड़कों, फुटपाथों, चौराहों, पुलों और रेलवे स्टेशनों के आसपास खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं, जो सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता और असंवेदनशील रवैये को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि ठंड कोई अचानक आने वाली आपदा नहीं है, इसके बावजूद समय रहते पर्याप्त तैयारी न करना सरकार की घोर लापरवाही है। उन्होंने ज्ञापन की एक प्रति उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को भी भेजी है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली में इस समय 197 स्थायी और सर्दियों के लिए 204 अस्थायी रैन बसेरे ही उपलब्ध हैं, जो करोड़ों की आबादी वाली राजधानी के लिए बेहद अपर्याप्त हैं। इतना ही नहीं, संचालित रैन बसेरों में भी बिस्तर, कंबल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं जैसी बुनियादी जरूरतों का भारी अभाव है, जिससे बेघर लोगों के जीवन पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रीमती गुप्ता केवल फोटो सेशन और बयानों तक सीमित रह गई हैं। जमीनी हकीकत यह है कि गरीब दिल्लीवासी भीषण ठंड में ठिठुरते हुए जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को सरकार की प्रशासनिक नाकामी, असंवेदनशीलता और पूर्ण विफलता करार दिया।

उन्होंने रैन बसेरों की संख्या में तत्काल वृद्धि करने, सभी स्थायी और अस्थायी रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने, सड़कों पर सोने को मजबूर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष आपात अभियान चलाने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय निगरानी के साथ जवाबदेही तय करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित