बैतूल , मार्च 15 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में जीआरपी आमला पुलिस ने ट्रेनों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को जेल विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को विश्वास में लेता था और जेल प्रशिक्षण केंद्र में नौकरी लगाने के नाम पर उनसे पैसे वसूलता था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जीआरपी आमला थाना क्षेत्र में ट्रेनों में लगातार धोखाधड़ी और जालसाजी की शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों ने पुलिस को बताया था कि एक व्यक्ति ट्रेन में सफर करने वाले बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे मांग रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर संदिग्ध व्यक्ति की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अपना नाम राजपाल यादव बताकर खुद को भोपाल जेल का उप जेल अधीक्षक बताता था। वह जेल विभाग का नकली विजिटिंग कार्ड दिखाकर यात्रियों का भरोसा जीतता और जेल प्रशिक्षण केंद्र में भर्ती कराने का लालच देकर उनसे रकम वसूलता था। आरोपी विशेष रूप से ट्रेन में सफर करने वाले बेरोजगार युवक-युवतियों को निशाना बनाता था।

पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की और 13 मार्च को ट्रेन नंबर 12722 दक्षिण एक्सप्रेस में संदिग्ध व्यक्ति की तलाश की। पुलिस टीम ने यात्रियों से पूछताछ की, जिसके बाद एक व्यक्ति संदिग्ध स्थिति में मिला। पुलिस को देखकर वह ट्रेन से उतरकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इंद्रपाल पिता स्व. जद्दूलाल पाल (55) निवासी खंजनपुर थाना गंज जिला बैतूल बताया। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्तमान में भोपाल में रह रहा था और भोपाल, इटारसी, बैतूल तथा छिंदवाड़ा रूट की ट्रेनों में सफर कर बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलता था।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 640 रुपये नकद, जेल प्रशिक्षण केंद्र के नाम से तैयार नकली भर्ती सूची, फर्जी विजिटिंग कार्ड, युवक-युवतियों की फोटो और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की जांच की जा रही है।

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