नयी दिल्ली , मार्च 16 -- विपक्षी सदस्यों ने लोक सभा में सोमवार को रेलवे पर पर्याप्त ध्यान न दिये जाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि ट्रेनों में यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही उनकी सुरक्षा पर अधिक ध्यान दिया जाये।
रेलवे की वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के तारिक अनवर ने कहा कि रेलवे राजस्व वसूली में पिछड़ गया है। दो बार किराये में वृद्धि किये जाने के बावजूद राजस्व वसूली में गिरावट आ रही है। वर्ष 2026-27 के लिए परिचालन अनुपालन को भी पेश नहीं किया गया है।
श्री अनवर ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर केवल घोषणायें की जा रही है, जबकि हकीकत घोषणाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि अमृत भारत योजना के लक्ष्य से काफी कम 160 स्टेशनों पर ही कार्य हो पाये हैं। लखनऊ के गोमती नगर स्टेशन को उच्च स्तरीय बनाने का काम भी अधूरा पड़ा है, इससे स्पष्ट है कि योजनाओं को समय पर पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। यात्री सुविधाएं बढ़ने के बजाय कम होती जा रही है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिल रही रियायत बहाल किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह रेल मंत्री अश्चिनी वैष्णव से इन प्रश्नों का जवाब देने की मांग करते हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गणेश सिंह ने चर्चा में शामिल होते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रेल नेटवर्क बढ़ा है। सरकार रेल अवसंरचना बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यात्री सुविधाओं में लगातार वृद्धि की जा रही है। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियों की औसत गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 38 किलोमीटर हो गयी है। 99 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो गया है। रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल मार्ग वाला देश बन गया है। ट्रेनों में यात्री सुविधायें बढ़ाने पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य ने ट्रेनों में साफ-सफाई पर ध्यान दिये जाने की मांग करते हुए कहा कि श्रमजीवी एक्सप्रेस में चूहे और काकरोच मिलना आम बात है। उन्होंने गर्मी के मौसम में यात्रियों की भीड़ बढ़ने के मद्देनजर ट्रेनों में बोगियां बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कुछ ट्रेनों में यात्रा के दौरान झटके लगने की ओर रेल मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि लखनऊ से नयी दिल्ली के बीच चलने वाली लखनऊ मेल ट्रेन इसका स्पष्ट उदाहरण है। इस दिक्कत को दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कन्नौज रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की मांग की और कहा कि इससे इस ऐतिहासिक शहर की शान में इजाफा होगा।
तृणमूल कांग्रेस की जून मालिया ने कहा कि रेलवे की ओर से कुछ राज्यों का प्राथमिकता दी जाती है जबकि कुछ प्रदेशों की अनदेखी की जाती है। पश्चिम बंगाल को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल का अधिकार बंगाल को दिया जाना चाहिए। हर राज्य तक विकास संबंधी योजनाएं पहुंचनी चाहिए। वह बंगाल के लिए विशेष मांग नहीं कर रही है, बजट, सुविधाओं और अन्य संसाधनों का वितरण समान होना चाहिए। उन्होंने खड़गपुर स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।
सुश्री मालिया ने जंगल महल क्षेत्र में वन्य जीव-जन्तुओं के ट्रेन की चपेट में आने से मरने और घायल होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनका संरक्षण न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जंगल महल क्षेत्र में हाथी गलियारे में ट्रेनों के गुजरने के दौरान विशेष ध्यान दिये जाने की मांग की। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए ट्रेनों में आरक्षण सुनिश्चित किये जाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को यात्री किराये में मिलती रही रियायत को बहाल किये जाने की भी मांग की।
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