....रमेश भान सेनयी दिल्ली , अप्रैल 02 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और अपने देश के डेमोक्रेट नेताओं पर निशाना साधने के बाद अब प्रसिद्ध अमेरिकी गायक ब्रूस स्प्रिंगस्टीन पर तीखा हमला किया है तथा उनके खिलाफ आपत्तिजनक व्यक्तिगत टिप्पणियां की हैं।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर श्री स्प्रिंगस्टीन को "खराब और बेहद उबाऊ गायक" बताते हुए उनके रूप-रंग पर भी टिप्पणी की और कहा कि वह "ट्रंप डिरेंजमेंट सिंड्रोम" से ग्रस्त हैं। उन्होंने श्री स्प्रिंगस्टीन को "पूरी तरह विफल व्यक्ति" बताते हुए उन पर राष्ट्रपति के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
'द बॉस' के नाम से पहचाने जाने वाले श्री स्प्रिंगस्टीन अमेरिकी गायक, गीतकार और संगीतकार हैं। उन्होंने छह दशकों में 21 स्टूडियो एल्बम जारी किए हैं और उनका अधिकतर संगीत 'ई स्ट्रीट बैंड' के साथ रहा है। उन्हें हार्टलैंड रॉक का अग्रणी माना जाता है।
श्री ट्रंप और श्री स्प्रिंगस्टीन के बीच यह टकराव नया नहीं है। श्री स्प्रिंगस्टीन लंबे समय से श्री ट्रंप के आलोचक रहे हैं। उन्होंने पहले भी उनकी नीतियों, विशेषकर सीमा संबंधी फैसलों, को "अमानवीय" बताया था। कलाकारों के संगठन 'अमेरिकन फेडरेशन ऑफ म्यूजिशियन्स' ने इन हमलों के बाद स्प्रिंगस्टीन के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का समर्थन किया है।
श्री ट्रंप ने श्री स्प्रिंगस्टीन सहित अन्य कलाकारों पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस के समर्थन में प्रदर्शन कर "अवैध चुनावी योगदान" दिया। उन्होंने इन आरोपों की जांच की मांग भी की।
श्री ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारी बहुमत से चुनाव जीता। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और डेमोक्रेट्स पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में देश कमजोर हो गया था, जबकि अब अमेरिका "दुनिया का सबसे मजबूत देश" बन गया है।
श्री ट्रंप ने श्री स्प्रिंगस्टीन के "महंगे" संगीत कार्यक्रमों के बहिष्कार की भी अपील की। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब श्री स्प्रिंगस्टीन ने 31 मार्च को मिनियापोलिस में अपने 'लैंड ऑफ होप एंड ड्रीम्स' टूर की शुरुआत करते हुए ट्रंप प्रशासन को "भ्रष्ट, अयोग्य, नस्लवादी, लापरवाह और देशद्रोही" बताया।
इससे पहले भी स्प्रिंगस्टीन 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों की आलोचना की थी। उनके बयानों और गीतों के जरिए सरकार की आलोचना ने दोनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद को और तीखा कर दिया है।
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