मैनपुरी , मार्च 21 -- उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित टूलकिट और उपकरण कुटीर उद्योगों से जुड़े कामगारों के जीवन और आजीविका में सकारात्मक बदलाव लाएंगे तथा "हर हाथ को काम" देने के लक्ष्य को मजबूत करेंगे।

उन्होंने शनिवार को नव निर्माण के 9 वर्ष कार्यक्रम के तहत उ.प्र. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास खंडों के उत्कृष्ट ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। साथ ही माटीकला टूलकिट योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक चाक, पगमिल मशीन, दोना-पत्तल मेकिंग मशीन और पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरित की।

श्री सिंह ने कहा कि पारंपरिक कुटीर उद्योगों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता से जोड़कर उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय गांव पूरी तरह आत्मनिर्भर थे, और आज भी महात्मा गांधी की आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा प्रासंगिक है। यदि गांव मजबूत होंगे तो देश स्वतः सशक्त होगा।

उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में आत्मनिर्भरता आवश्यक है, इसलिए स्थानीय संसाधनों और कौशल को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन की सुविधा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे परिवार और समाज दोनों को लाभ मिल रहा है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि लाभार्थियों के उत्पादों के विपणन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने उत्पाद बेचने में कोई कठिनाई न हो। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी, ऋण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे प्राप्त उपकरणों का पूर्ण उपयोग कर अपने कार्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक गांव को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे प्रदेश और देश दोनों सशक्त बन सकें।

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