हैदराबाद , अप्रैल 23 -- तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के कर्मचारियों की हड़ताल गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इसके साथ ही संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने राज्य भर के बस डिपो पर 'महा धरना' प्रदर्शनों का आह्वान करके अपने आंदोलन को और तेज कर दिया है।
जेएसी के अध्यक्ष ईदुरू वेंकन्ना ने कर्मचारियों से बड़े पैमाने पर धरने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के पहले दिन का बंद पूरी तरह सफल रहा। यह आंदोलन मंगलवार की आधी रात को शुरू हुआ, जब कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को टीजीएसआरटीसी का कामकाज लगभग ठप हो गया और राज्य भर में बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। बस स्टेशन सुनसान नज़र आये और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को निजी परिवहन पर निर्भर रहना पड़ा, कई लोगों ने आरोप लगाया कि इस व्यवधान के बीच निजी ऑपरेटर मनमाना और बहुत ज़्यादा किराया वसूल रहे हैं।
पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए डिपो पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया। कर्मचारियों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किये और बसों की आवाजाही रोक दी। हैदराबाद में भी आरटीसी की सेवाएं काफी हद तक निलंबित रहीं। कुछ इक्का-दुक्का मामलों में, किराये पर ली गयीं बसें पुलिस की सुरक्षा में चलायी गयीं।
टीजीएसआरटीसी सूत्रों के अनुसार, राज्य भर में ऐसी 100 से भी कम बसें चलायी गयीं, जबकि निगम के पास कुल लगभग 10,000 बसों का बेड़ा है, जिसमें 3,500 किराये पर ली गयीं गाड़ियां भी शामिल हैं।
दूसरी ओर, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर और टीजीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक नागिरेड्डी ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कर्मचारियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रही है, और उनसे जनता को होने वाली असुविधा पर भी विचार करने का आग्रह किया।
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