कोलकाता , दिसंबर 29 -- पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन मंत्रियों और दो सांसदों सहित पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल से मुलाकात कर आयोग से मतदाताओं की गड़बड़ी वाली सूची प्रकाशित करने को कहा।

टीएमसी के सांसद पार्थ भौमिक और बापी हाल्दार, राज्य मंत्री शशि पांजा, पुलक रॉय बिरबाहा हांसदा सहित प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची की चल रही सत्यापन प्रक्रिया और सुनवाई से संबंधित कई मांगें और आपत्तियां रखीं। नेताओं ने बैठक के दौरान चुनावी सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और चुनाव आयोग द्वारा इस मुद्दे को संभालने के तरीके पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

मीडिया से बात करते हुए पार्थ भौमिक ने कहा, "चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में लगभग 1.36 करोड़ गड़बड़ियों की पहचान की है और घोषणा की है कि इस श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। ऐसे मतदाताओं की विस्तृत सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है।" श्री भौमिक ने कहा, "नागरिकों का यह मौलिक अधिकार है कि वे जानें कि उनके नाम गड़बड़ियों की सूची में शामिल हैं या नहीं।"एक और बड़ी चिंता यह थी कि बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए बुलाया जा रहा है। यह 'अमानवीय' है और यह समाज के कमजोर वर्गों की गरिमा को कम करता है। श्री भौमिक ने कहा, "इसे तुरंत रोका जाना चाहिए और अगर जरूरत हो तो अधिकारियों को मतदाताओं के घरों पर जाकर उनसे मिलना चाहिए।"प्रतिनिधिमंडल ने यह भी सवाल उठाया कि बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) को सुनवाई की प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा जा रहा है। राज्य मंत्री पांजा ने कहा, "बीएलए को फॉर्म बांटने के दौरान मौजूद रहने की इजाजत है। इसलिए सुनवाई के दौरान उन्हें रोकना सही नहीं है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उतनी ही जरूरी है।"इसके अलावा देश से बाहर रहने वाले या दूसरे राज्यों में रहने वाले प्रवासी मतदाताओं का मुद्दा भी उठाया गया।

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