पटना , दिसंबर 29 -- राज्य में शिक्षक बहाली को लेकर बड़ी घोषणा करते हुये शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा है कि टीआरई- 4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा- 4) के तहत शिक्षकों की नियुक्ति के लिये 15 जनवरी तक बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को रिक्तियां भेज दी जायेंगी और इन रिक्तियों के लिये आरक्षण रोस्टर का क्लियरेंस कराया जा रहा है, जिसमें 25 हजार से कम पद नहीं होंगे।

सोमवार को सूचना भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि अब तक 31 जिलों से विद्यालय अध्यापकों की रिक्तियां प्राप्त हो चुकी हैं। इसके अलावा हाईस्कूलों में 5,500 पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति भी संभावित है, हालांकि इसके लिये संबंधित विषय की एसटीईटी (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) आयोजित की जायेगी। विशेष विद्यालय अध्यापक के 7,279 पदों पर नियुक्ति के लिये रिक्तियां पहले ही भेजी जा चुकी हैं।

शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने स्पष्ट किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) को सख्ती से लागू किया जायेगा। बच्चों की डुप्लीकेसी रोकने के लिये निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भी आधार सीडिंग अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटें कमजोर और गरीब वर्ग के बच्चों के लिये आरक्षित करनी होंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जायेगी।

शिक्षकों और अधिकारियों द्वारा रील्स बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों पर कार्रवाई तय है। उन्होंने जानकारी दी कि भ्रष्टाचार के मामलों में बेतिया और किशनगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी और मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय शिक्षा उप- निदेशक पर कार्रवाई की जा चुकी है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीआरई-1 से टीआरई-3 तक कुल 2,27,195 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। वहीं सक्षमता परीक्षा पास करने वाले 2,66,786 शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य में 28,748 प्रधान शिक्षक और 4,699 प्रधानाध्यापकों की भी नियुक्ति की गई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में राज्य का शिक्षा बजट 4,341 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 72,652.44 करोड़ रुपये हो गया है। उस समय राज्य में 2.04 लाख शिक्षक थे, जबकि वर्तमान में 5.87 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। छात्र-शिक्षक अनुपात 65:1 से सुधरकर 29:1 हो गया है। वर्ष 2023 की जाति आधारित गणना के अनुसार राज्य में पुरुष साक्षरता दर 84.91 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर 73.91 प्रतिशत है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत उन्नत शिक्षा के लिए उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है और स्थायी पदों के सृजन की प्रक्रिया चल रही है।

शिक्षा मंत्री श्री कुमार ने कहा कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जायेगा। जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नये डिग्री कॉलेज खोले जायेंगे। पुराने और प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियां मांगी गई हैं और पढ़ाई बाधित न हो इसके लिये अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं।

ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की सहायक प्रोफेसर नियुक्ति से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से अनुशंसा प्राप्त हुई थी, लेकिन विभागीय समीक्षा में कुछ कमियां सामने आई हैं। इस संबंध में आयोग से राय मांगी गई है। जून, 2025 में राजनीति विज्ञान विषय में सहायक प्रोफेसर पद के लिए अनुशंसा भेजी गई थी।

संवाददाता सम्मेलन में अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंद्र, सचिव दिनेश कुमार, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ एनके अग्रवाल, निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार, उप- निदेशक जनसंपर्क दिनेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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