टिहरी , फरवरी 14 -- उत्तराखंड में टिहरी जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और उनके वैज्ञानिक विश्लेषण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अहम पहल की है।

शनिवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल के निर्देशन में इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) पोर्टल पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को डिजिटल प्रणाली के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल रिसोर्स मैनेजर रविंद्र सिंह चौहान ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित डेटा को ऑनलाइन आईआरएडी पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग और परिवहन विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए दुर्घटना से जुड़ी सभी सूचनाओं को साझा कर सकते हैं। इससे सड़क की जांच, वाहन की स्थिति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ड्रंक ड्राइव रिपोर्ट और अस्पताल की डिस्चार्ज रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण विवरण तत्काल उपलब्ध हो सकेंगे।

बैठक में दुर्घटनास्थल के सटीक विवरण, दुर्घटना के कारणों के गहन विश्लेषण, सही रिपोर्टिंग प्रक्रिया और कैशलेस उपचार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

अधिकारियों को बताया गया कि सटीक डेटा प्रविष्टि से जनपद में संभावित ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान आसान होगी, जिससे समय रहते वहां प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकेंगे।

कार्यक्रम में एसएसपी आयुष अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए कि डेटा प्रविष्टि में पूर्ण सटीकता और तत्परता बरती जाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में तकनीक का प्रभावी उपयोग ही सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने का सबसे कारगर माध्यम है।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह, क्षेत्राधिकारी चंबा महेश लखेड़ा, क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर सुरेन्द्र सिंह भंडारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजीव कुमार सहित जनपद मुख्यालय के सभी थाना प्रभारी एवं शाखा प्रभारी मौजूद रहे।

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