टिहरी , अप्रैल 08 -- उत्तराखंड के टिहरी स्थित वाटर स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर इंस्टीट्यूट में 25वीं राष्ट्रीय जल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को हुआ।
इसका शुभारंभ आज वर्चुअल माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने पूरे देश से आए पुलिस बलों के खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर मिला है जो राज्य की खेल क्षमता और व्यवस्थागत दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने अखिल भारतीय पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं और राज्य में साहसिक खेलों व पर्यटन को नई पहचान देते हैं।
प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की 19 टीमें हिस्सा ले रही हैं जिनमें 440 से अधिक महिला एवं पुरुष खिलाड़ी शामिल हैं। ये खिलाड़ी कैनोइंग, रोइंग और कयाकिंग जैसी स्पर्धाओं में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ऐसे में उनका शारीरिक व मानसिक रूप से तंदुरुस्त रहना आवश्यक है। खेल गतिविधियां अनुशासन, टीम भावना और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता विकसित करती हैं।
उन्होंने कहा कि वाटर स्पोर्ट्स आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, नदी बचाव और तटीय सुरक्षा जैसे कार्यों में भी उपयोगी साबित होते हैं। साथ ही 'खेलो इंडिया' और 'फिट इंडिया' जैसे अभियानों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। हाल ही में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब 'देवभूमि' के साथ-साथ 'खेलभूमि' के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राज्य के विकास, पर्यटन संवर्धन और खेल प्रतिभाओं के उन्नयन में सहायक सिद्ध होंगे।
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