टिहरी , दिसंबर 11 -- उत्तराखंड के अन्य हिस्सों की तरह टिहरी जिला में भी भालू और गुलदार की बढ़ती गतिविधियों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में किसी बड़े हमले की घटना भले ही सामने न आई हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में इन जंगली जानवरों की लगातार चहल-कदमी से लोगों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आ रही लगातार सूचनाओं को देखते हुए टिहरी वन प्रभाग पूर्णतः सतर्क मोड पर आ गया है। विभाग ने कौड़िया, सेम-मुखेम, हिन्दाव, बासर और धारमडंल सहित पाँच से छह स्थानों को संवेदनशील ज़ोन के रूप में चिह्नित कर इन इलाकों में गश्त तेज कर दी है।

वन विभाग की टीमें दिन और रात सक्रिय है ताकि किसी भी संभावित घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभागीय वन अधिकारी पुनीत तोमर ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। चिह्नित स्थानों पर नियमित गश्त की जा रही है। साथ ही गांवों के आसपास सोलर लाइटिंग लगाने का कार्य भी जारी है, ताकि रात के समय जंगली जीवों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को जागरूक करने और सतर्क रहने की सलाह देने का अभियान भी चलाया जा रहा है।

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