टिहरी , अप्रैल 24 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिला में पहली बार शुक्रवार "प्रवासी पंचायत-2026" का आयोजन विकास भवन के समीप स्थित खेल भवन सभागार में किया गया। ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखण्ड के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रवासियों ने भाग लेकर अपने अनुभव, सुझाव और समस्याएं साझा कीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष शरद सिंह नेगी ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोकने और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
आयोग के सदस्य सचिव भरत चन्द्र भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड के लगभग सभी पर्वतीय जिलों से पलायन हुआ है, जिसे रोकने के लिए सरकार ठोस रणनीति पर कार्य कर रही है। उन्होंने स्वरोजगार, कृषि, पर्यटन और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने कहा कि जो लोग बाहर जाकर सफल हुए हैं, उनका रिवर्स पलायन में स्वागत है। उन्होंने संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि मजबूरी में पलायन करने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
बैठक के दौरान प्रवासियों ने स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रवासियों के अनुभवों को नीति निर्माण में शामिल कर पलायन की समस्या का प्रभावी समाधान निकालना रहा।
इस अवसर पर पलायन निवारण आयोग के सदस्य राम प्रकाश पैन्यूली, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, विभिन्न विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारी सहित जनपद के अनेक प्रवासी मौजूद रहे।
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