टिहरी , जनवरी 16 -- उत्तरखंड के टिहरी गढ़वाल में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में बढ़ती पेयजल मांग, जलापूर्ति योजनाओं के सुदृढ़ीकरण तथा लंबित कार्यों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी खण्डेलवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसंख्या के आधार पर वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही पर्यटन एवं अन्य कारणों से बढ़ने वाली अस्थायी जनसंख्या के लिए पृथक पेयजल परियोजना तैयार करने को भी कहा। उन्होंने तकनीकी परीक्षण हेतु समिति गठित कर उसकी संस्तुति के उपरांत प्रकरण को जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जल जीवन मिशन की टीम द्वारा पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 14 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्जीवन की जानकारी दी गई। ग्रामवार जल स्रोतों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए गदेरे के नवीनीकरण, जल भंडारण क्षमता में वृद्धि, मापयंत्रण कार्य, पानी को कीटाणुरहित करने और उसे पीने योग्य बनाने की एक प्रक्रिया तथा भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण जैसे प्रस्तावित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही प्रस्तावित नलकूप स्थलों पर रेसिस्टिविटी सर्वे के लिए चयनित स्थानों की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक में हंस फाउंडेशन द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों एवं प्राप्त शिकायतों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण एवं लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम संदीप कश्यप, अधिशासी अभियंता जल संस्थान वी.सी. रमोला, कार्यकारी अभियंता पेयजल चंबा एन. सेमवाल, कार्यकारी अभियंता प्रशांत भारद्वाज, कार्यकारी अभियंता देवप्रयाग नरेश पाल सिंह, एडीपीआरओ ऋषिराम उनियाल सहित यूटीडीबी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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