टिहरी, अप्रैल 24 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के कर्मचारियों और पदाधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया।

कार्यक्रम में व्यवसाय योजना, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना - ग्रामोत्थान (आरईएपी) के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में जनपद के तीन विकासखंडों से लगभग 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा किया गया, जबकि इसका वित्त पोषण अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान सस्टेनेबल अल्टरनेटिव्स के संस्थापक अध्यक्ष अवनीश कुमार ने प्रतिभागियों को व्यवसाय नियोजन, उत्पाद ब्रांडिंग, विपणन रणनीतियों एवं बाजार से जुड़ाव के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते बाजार परिवेश में ग्रामीण उत्पादों को पहचान दिलाने के लिए प्रभावी ब्रांडिंग और उचित मार्केट एक्सेस अत्यंत आवश्यक है।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खंड विकास अधिकारी शाकिर हुसैन ने कहा कि सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण संगठनों को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने-अपने क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में करें।

प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर जिला परियोजना प्रबंधक ब्रह्मकांत भट्ट ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम ग्रामीण नेतृत्व को सशक्त करने के साथ ही स्थानीय उद्यमों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रतिभागी इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाकर अपने संगठनों को नई दिशा देंगे।

कार्यक्रम के सफल संचालन में सहायक प्रबंधक (संस्थाएं एवं समावेश) ज्ञानेन्द्र सिंह चौहान तथा सहायक प्रबंधक (सेल्स) मनमोहन सिंह चौहान का विशेष योगदान रहा। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया।

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