रांची , मार्च 11 -- झारखंड विधानसभा बजट सत्र के दौरान बुधवार को भाजपा विधायकों ने रामनवमी में डीजे बजाने के मुद्दे को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ।

भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर सवाल खड़े किए। श्री जायसवाल के समर्थन में भाजपा के कई विधायक अपनी-अपनी सीट से खड़े हो गए और विरोध जताने लगे। इस दौरान विधायक राजेश कच्छप शोर-शराबे के बीच सदन के वेल में पहुंच गए।

भाजपा विधायक के हाथों में तख्तियां थीं, जिस पर लिखा था कि कोयला, बालू और जमीन की लूट नहीं चलेगी। हंगामे के बीच मार्शलों ने विधायकों के हाथों से तख्तियां ले लीं।

इस बीच कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने अपनी बात पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई। इसके बाद एक बार फिर भाजपा विधायक वेल में पहुंच गए और काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। बाद में संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर के हस्तक्षेप के बाद विधायक वेल से वापस अपनी सीटों पर लौटे।

सदन में स्थिति सामान्य होने पर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि पहली बार बिना व्यवधान के सदन की कार्यवाही अब तक चली है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे विधानसभा की कार्यवाही को बाधित न करें।

वहीं डीजे बजाने के मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री श्री किशोर ने कहा कि डीजे बजाने के मामले का किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि रात 10 बजे के बाद किसी भी स्थिति में डीजे नहीं बजाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि देश में हिंदू नहीं, बल्कि हिंदुस्तान खतरे में हैं।

सत्र के दौरान विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्य की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने योजना के तहत लाभुकों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और सरकार की तैयारी के बारे में जानकारी मांगी।

इस पर जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में गरीबों को आवास उपलब्ध कराना शामिल है। उन्होंने बताया कि बजट में आवास के लिए करीब 4400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से जहां 6 लाख आवासों को पूरा किया जाएगा। वहीं नए आवास भी स्वीकृत किए जाएंगे।

मंत्री श्रीमती पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार से कई बार बातचीत और पत्राचार किया गया। लेकिन केंद्र की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। इसके बावजूद झारखंड सरकार अबुआ आवास योजना के माध्यम से बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास कर रही है।

वहीं कार्यवाही के दौरान विभागों द्वारा समय पर जवाब उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सदन में उठा। इस पर विधानसभा अध्यक्ष श्री महतो ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर विषय बताया।

अध्यक्ष श्री महतो ने कहा कि कई बार विभागों द्वारा समय पर सभा सचिवालय को सदस्यों के सवालों का जवाब नहीं भेजा जाता, जिसके कारण सदन में जवाब उपलब्ध नहीं हो पाता। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री को निर्देश देते हुए कहा कि इस त्रुटि को जल्द से जल्द दूर किया जाए, ताकि सदस्यों को समय पर उनके सवालों के जवाब मिल सके।

इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक प्रदीप यादव समेत कई विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि कई सवालों के जवाब समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अध्यक्ष ने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार करने और विभागों को समय पर जवाब भेजने के निर्देश दिए।

श्रीमती पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार अपने 5 साल के कार्यकाल में, जिन लोगों को आवास की जरूरत है, उन्हें आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सही लाभुकों की पहचान के लिए सर्वेक्षण कराया जा रहा है। अब तक करीब डेढ़ लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिल सके।

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