रांची, मार्च 17 -- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को सदन में जेटेट अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज का मुद्दा गूंजा।
वहीं विधानसभा में असंसदीय भाषा के प्रयोग को लेकर भाजपा की महिला विधायकों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई।
विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड पात्रता परीक्षा की मांग को लेकर सोमवार को रांची में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब सरकार समय पर परीक्षा आयोजित नहीं करेगी तो युवा सड़क पर उतरेंगे ही।
इस मुद्दे पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि जेटेट परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने 31 मार्च तक का समय दिया है और सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। उन्होंने माना कि पूर्व में सिस्टम खराब था, जिसे अब सुधारने का प्रयास किया जा रहा है और परीक्षाएं समय पर कराई जाएंगी। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार के अव्यवस्था से निपटने के लिए कार्रवाई की गई।
भाजपा विधायक नीरा यादव ने जेएमएम विधायक समीर मोहंती की भाषा पर आपत्ति जताई। इसके बाद भाजपा की अन्य महिला विधायक भी वेल में आ गए। बाद में उनका साथ देने के लिए कई भाजपा विधायक भी वेल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्रनाथ महतो ने हस्तक्षेप की। उन्होंने बताया संबंधित आपत्तिजनक शब्दों को कार्यवाही से 'स्पंज' (हटाने) कर दिया गया है। इसके बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा।
इस दौरान डॉ. नीरा यादव ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए असंसदीय भाषा का प्रयोग करने वाले विधायक को माफी मांगनी चाहिए। मामले को शांत कराने के लिए संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि किसी भी पक्ष के विधायक को असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूरे सदन की ओर से इस घटना को लेकर क्षमा भी मांगी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो सकी।
जदयू विधायक सरयू राय ने मानगो पेयजल परियोजना में देरी पर चिंता जताई। विधायक श्री राय ने बताया कि वर्ष 2009 में शुरू हुई यह योजना आज तक पूरी नहीं हो सकी। इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि केंद्र सरकार से एनओसी मिलने में देरी के कारण परियोजना प्रभावित हुई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्च 2026 तक योजना पूरी कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि एमजीएम अस्पताल को रोजाना 72 हजार लीटर पानी दिया जा रहा है और योजना के फेज-2 का निर्माण जरूरी है।
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