रांची , मार्च 18 -- झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक बजट सत्र चला और इस दौरान कुल 17 कार्यदिवस रहा।
इससे पहले विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने समापन भाषण में कहा कि सदन जनता की आस्था का वह मंदिर है, जहां आम जनमानस का अटूट विश्वास बसता है। उन्होंने विशेष रूप से बजट सत्र की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह समय आत्म-अवलोकन का होता है, क्योंकि पूरी जनता की निगाहें इस बात पर टिकी होती हैं कि जनहित में क्या कार्य किए गए और कौन सी योजनाएं अधूरी रहीं। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही वंदनीय है जितनी सत्ता पक्ष की। वे विपक्ष को लोकतंत्र के एक अभिन्न अंग के रूप में देखते हैं। सत्र के दौरान सभी सदस्यों द्वारा संतुलित और मर्यादित चर्चा में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री ने सबका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन के भीतर हम सभी का प्राथमिक कर्तव्य लोकतांत्रिक आदर्शों को अक्षुण्ण बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि आज पूरा राज्य एक शांत और सकारात्मक माहौल में प्रगति की ओर अग्रसर है।
श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के विकास की चर्चा आज पूरे-दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा कि खर्च को सीमा के अंदर रखने के मामले में झारखंड पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। बजट में महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इनके लिए कुल 34 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रवाधान किया गया है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर सरकार विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार लोगों को अवसर देने वाली सरकार है।
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