रांची , जनवरी 30 -- ारखंड में एक बार फिर सर्दी का असर बढ़ता नजर आ रहा है।
इसकी मुख्य वजह उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है, जिसका प्रभाव 29 जनवरी की सुबह से ही राज्य में महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार ठंडी हवाओं का यह दौर 1 फरवरी तक जारी रह सकता है, जबकि आगे चलकर हल्की बारिश और बूंदाबांदी से ठंड का असर और बढ़ने की संभावना है।
रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में राज्य के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
विशेष रूप से पलामू, चतरा, लातेहार, कोडरमा जैसे इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जाएगा।
हालांकि दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास होगा। लेकिन शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के चलते तापमान में फिर गिरावट आएगी।
मौसम विभाग ने यह भी संभावना जताई है कि अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा छाया रह सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। खासकर सुबह और देर रात यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वानुमान के अनुसार 2 फरवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने 5 और 6 फरवरी के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत से ठंडी हवाएं झारखंड तक पहुंच रही हैं। इसके चलते बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव जैसी स्थितियां बन रही हैं। यही वजह है कि दिन और रात के तापमान में साफ अंतर देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय गति सीमित रखें और फॉग लाइट का प्रयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाने की सलाह दी गई है। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए भी विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
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