रांची , जनवरी 26 -- झारखंड के राजपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज कहा कि राज्य में पेसा नियमावली लागू कर दी गई है और यह जनजातीय समाज के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
श्री गंगवार ने राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार को आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड का निरीक्षण किया। समारोह के दौरान आकर्षक झांकियां प्रदर्शित की गईं, जिनमें झारखंड की समृद्ध संस्कृति, राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की झलक देखने को मिली।
इस मौके पर राज्यपाल श्री गंगवार ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किए जाने पर खुशी जाहिर की और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प और उसे पूरा करने की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने झारखंड मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा के लिए एक प्रभावी कदम है। वर्तमान में इस योजना के तहत 51 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में करीब 3 लाख सखी मंडल गठित किए जा चुके हैं। इन्हें 466 करोड़ रुपये चक्रीय निधि और 2300 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी क्षेत्र में रिक्त पदों को तेजी से भरने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।शिक्षा के क्षेत्र में नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर पश्चिम सिंहभूम, बोकारो और दुमका में तीन नए आवासीय विद्यालय शुरू करने की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 803 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा की शुरुआत की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि गुरु जी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से छात्रों की उच्च शिक्षा में आर्थिक बाधाओं को दूर किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि सुपर स्पेशलिटी रिम्स-2 का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही पीपीपी मोड पर पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में 6 नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
समारोह के दौरान विशिष्ट कार्य के लिए कई पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पदक से सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से आईपीएस प्रभात कुमार, आईपीएस अश्विनी कुमार सिन्हा, इंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, एएसआई श्याम कुमार, एएसआई नौशाद अली, सिपाही सचिन सुब्बा, सिपाही राजू कुमार छेत्री तथा दारोगा गणेश चंद्र पान शामिल हैं।
समारोह राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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