रांची , फरवरी 25 -- आइसा झारखंड के अध्यक्ष विभा पुष्पादीप ने कहा कि बजट 2026-27 में कुल व्यय Rs.1,58,560 करोड़ निर्धारित किया गया है, जिसमें शिक्षा पर कुल Rs.18,815 करोड़, अर्थात लगभग 11.9% व्यय प्रस्तावित है।
इसमें उच्च शिक्षा का हिस्सा मात्र लगभग 1.6% है, जो राज्य की दीर्घकालिक ज्ञान-आधारित प्रगति के लिए अपर्याप्त प्रतीत होता है।
पुष्पादीप ने कहा कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की दृष्टि से छात्रवृत्ति, छात्रावास सहायता तथा वंचित समुदायों के विद्यार्थियों के लिए लक्षित प्रावधानों में स्पष्ट और ठोस वृद्धि का अभाव चिंताजनक है। इससे प्रथम पीढ़ी के विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा तक पहुँच सीमित हो सकती है।
पुष्पादीप ने कहा कि नए संस्थानों की घोषणाएँ स्वागत योग्य हैं, किंतु पुराने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की आधारभूत संरचना, शिक्षकों की रिक्तियाँ, प्रयोगशाला सुविधाएँ तथा अनुसंधान प्रोत्साहन के लिए स्पष्ट निवेश योजना आवश्यक है। कौशल-आधारित शिक्षा और रोजगार-संलग्न प्रशिक्षण को मजबूत किए बिना शिक्षा का सामाजिक और आर्थिक प्रतिफल सीमित रहेगा।
पुष्पादीप ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि शिक्षा को सार्वजनिक अधिकार मानते हुए निवेश में सार्थक वृद्धि करे, छात्र सहायता योजनाओं का विस्तार करे और एक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ तथा सार्वजनिक वित्तपोषित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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