रांची , फरवरी 02 -- झारखंड के गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिले के 14 प्रवासी मजदूर दुबई में फंस गए हैं।

ईएमसी कंपनी द्वारा समय पर मजदूरी न देने और अतिरिक्त काम कराने से वे रहन-सहन व खान-पान की किल्लत झेल रहे हैं। मजदूरों ने वीडियो जारी कर केंद्र-राज्य सरकार से सकुशल वतन वापसी की गुहार लगाई है। प्रवासी मजदूरों के हित में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली को मजदूरों ने पीड़ा भरा वीडियो भेजा, जिसे उन्होंने मीडिया से साझा किया।

अली ने दोनों सरकारों से कूटनीतिक हस्तक्षेप कर मजदूरों को तत्काल वापस लाने की मांग की। उन्होंने कहा, "यह पहला मामला नहीं है। पहले भी लालच में विदेश गए मजदूर फंस चुके हैं, मशक्कत के बाद लाए गए, लेकिन सबक नहीं लिया जा रहा।"फंसे मजदूरों में गिरिडीह के सरिया थाना क्षेत्र के चिचाकी निवासी रोशन कुमार व अजय कुमार, बगोदर के तिरला के राजेश महतो, मंडरो-डुमरडेली के अजय कुमार शामिल हैं। बोकारो के पेंक नारायणपुर के कंजकीरो के डालेश्वर महतो, हजारीबाग के बिष्णुगढ़ के खेदाडीह के जागेश्वर व फालेन्द्र महतो, सिरैय के बैजनाथ महतो, पारजोरिया के दिलीप, गंगाधर व त्रिलोकी महतो, चकचुको बसरिया के दीपक कुमार, गोरहर के रोहित व सेवा महतो हैं।

ये सभी पिछले अक्टूबर 2025 में दुबई के ईएमसी कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन का काम करने गए थे। तीन माह से वेतन न मिलने से वे भुखमरी के कगार पर हैं। इसी क्रम में गिरिडीह के डुमरी थाना के मधगोपाली पंचायत (दूधपनिया) के विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मौत हो चुकी है। तीन माह बाद भी शव नहीं आया, न मुआवजा मिला।

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