रांची , अप्रैल 22 -- झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में सुवर्णरेखा नदी किनारे मिला 227 किलोग्राम वजनी विशालकाय बम आज सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया गया।
इस खतरनाक बम को डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया था।
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में सोमवार से ही पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर छावनी में तब्दील कर दिया गया था। आम लोगों की आवाजाही पर कड़ी पाबंदी लगाई गई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
सेना की टीम ने लगातार दो दिनों तक बम का गहन तकनीकी निरीक्षण किया। इस दौरान उसकी संरचना, विस्फोटक क्षमता और संभावित प्रभाव क्षेत्र का बारीकी से आकलन किया गया। सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बुधवार को बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह बम संभवतः द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है। दशकों पुराना होने के बावजूद इसमें भारी विस्फोट की क्षमता बनी हुई थी, जिससे आसपास के क्षेत्र में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता था।
सेना और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है। इस सफल अभियान ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता को एक बार फिर साबित किया।
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