दुमका , फरवरी 02 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैनर तले राज्य की उपराजधानी दुमका के गांधी मैदान में आयोजित 47वां झारखंड दिवस मनाया गया। दिशोम गुरू शिबू सोरेन के सपनों के अनुरूप राज्य का नाम रोशन करने के लिये अपने बच्चों को पढ़ा- लिखाकर काबिल बनाने के संकल्प के साथ उत्साह पूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।आज देर रात तक चली रैली में संतालपरगना के सुदूरवर्ती इलाकों से भारी तादाद में परम्परिक ढोल गाड़े व तीर-धनुष के साथ पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित अपने दिवंगत पिता शिबू सोरेन का स्मरण कर कुछ क्षण के लिये भावुक भी हो गये। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि दिशोम गुरू के नेतृत्व में आम जनों की एकजूटता और लम्बे संघर्ष की बदौलत वर्षों से शोषित वंचित लोगों को अपना हक व अधिकार मिला है। यह एकजूटता ही इस राज्य की ताकत है। यह कभी कमजोर नहीं होना चाहिए।
श्री सोरेन ने कहा कि दिशोम गुरू ने हमें जो राह दिखाया है उस पर हमें गर्व है। हम ऐसे वीर सपूतों के संतान हैं। जिनके विचारों के आधार पर हम आगे बढ़ते हुए आदिवासी, मूलवासी और आधी आबादी के बड़ा काम करने की दिशा में अग्रसर हैं। आजादी के पूर्व हमारे पूर्वज गोली मार खाने को मजबूर थे, लेकिन अब झारखंड सरकार की पहल पर इस राज्य का बेटा विदेशों में अंग्रेजों के बगल में बैठकर विद्याध्ययन कर रहा है और दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक मंच पर आपका एक आदिवासी नौजवान बेटा इस राज्य का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने केन्द्र सरकार के हाल के बजट पर कटाक्ष करते हुए कहा कि समूचे देश का 42 प्रतिशत खनिज संपदा झारखंड में है लेकिन केन्द्र बजट में इस राज्य का नाम तक नहीं लिया जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड आर्थिक, बौद्धिक रूप से भले ही कमजोर रहा हो, लेकिन राज्य के लोग सामंती विचारधारा वाले दलों की चतुर चालाक चाल को भली भांति समझते हैं। अब इस राज्य के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। अपना हक व अधिकार पाने के लिये अब हम न सिर्फ जमीन पर संघर्ष करेंगे बल्कि कानून का सहारा लेने के लिये भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम झारखंड वासी केन्द्र सरकार के हर चाल को समझते हैं और उसका मजबूती से जबाब भी देना जानते हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरपयोग करने का भी आरोप लगाया ।
वहीं श्री सोरेन ने असम में करीब 150 वर्षों से चाय बगानों में काम करने गये आदिवासियों की दयनीय हालत की भी चर्चा की और कहा कि वहां के आदिवासियों को हक दिलाने के लिये जरूरत पड़ने पर हर सम्भव सहयोग करने पर जोर दिया।
इससे पहले विधायक बसंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित रैली को दुमका के सांसद नलिन सोरेन,राजमहल सांसद विजय हांसदा, मंत्री सुदिव्य सोनू, हफीजुल हसन, दीपक विरूआ, योगेन्द्र प्रसाद, विधायक प्रो स्टीफन मरांडी, हेमलाल मुर्मू,डा लुईस मरांडी,आलोक सोरेन, उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह, मो. एम टी राजा समेत कई प्रमुख नेताओं ने दिशोम गुरू शिबू सोरेन को नमन करते हुए उनके विचार व आदर्शों को साकार करने के लिये आदिवासी व मूलवासियों को एकजूट रहने का आह्वान किया।
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