रांची , अप्रैल 11 -- झारखंड के भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय में समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किशुन दास ने महात्मा ज्योतिबा फुले की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई ने वर्ष 1848 में भारत का पहला कन्या विद्यालय शुरू किया और बाद में पुणे में श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के लिये साँध्य विद्यालय (1855) शुरू किये। उन्होंने जाति उत्पीड़न का विरोध किया।

किशुन दास ने कहा कि ज्योतिबा यह जानते थे कि देश व समाज की वास्तविक उन्नति तब तक नहीं हो सकती, जब तक देश का बच्चा-बच्चा जाति-पांति के बन्धनों से मुक्त नहीं हो पाता, साथ ही देश की नारियां समाज के प्रत्येक क्षेत्र में समान अधिकार नहीं पा लेतीं। उन्होंने तत्कालीन समय में भारतीय नवयुवकों का आवाहन किया कि वे देश, समाज, संस्कृति को सामाजिक बुराइयों तथा अशिक्षा से मुक्त करें और एक स्वस्थ, सुन्दर सुदृढ़ समाज का निर्माण करें। मनुष्य के लिए समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। इससे अच्छी ईश्वर सेवा कोई नहीं।

आज के कार्यक्रम में प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी जोगेंद्र प्रताप सिंह, एससी मोर्चा से रंजन पासवान, जोगेंद्र लाल, कमाल खान, हेमंत गुप्ता, युवराज पासवान, सुबोधकांत, सुरेंद्र पासवान, किशोर कुमार राम, चंचल किशोर, विनोद कुमार, प्रदीप, अशोक राज, संजय रविदास एवं अन्य उपस्थित थे।

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