रांची , अप्रैल 11 -- झारखंड कांग्रेस भवन में आज अमर शहीद सिद्धू कान्हू मुर्मू एवं समाज सुधारक ज्योति राव फुले की जयंती मनाई गई।

इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने सिद्धू कान्हू एवं ज्योतिबा फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके आदर्शों और संघर्षों को याद किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने सिद्धू कान्हू को याद करते हुए कहा कि अंग्रेज शासन के विरुद्ध जून 1855 को हजारों संथालों के साथ मिलकर हूल का ऐलान सिद्धू कान्हू ने किया था जो देश के इतिहास में अमिट संघर्ष के रूप में दर्ज हो गया। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उनके द्वारा किए गए आंदोलन से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वालों को एक नैतिक बल मिला जिसने स्वतंत्रता संग्राम में पथ प्रदर्शक का काम किया।

महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि महिला पिछड़े एवं दलित वर्ग के उत्थान के लिए उन्होंने सतत संघर्ष किया। सत्यशोधक समाज संगठन के माध्यम से जाति प्रथा का विरोध एवं सभी वर्गों को शिक्षा प्रदान करने,सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया।

ज्योतिबा फुले का मूल उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना,बाल विवाह पर रोक, स्त्रियों को अधिकारों के प्रति जागरूक करने के प्रति था। महिलाओं को शिक्षा प्रदान करने के लिए उन्होंने पहली महिला पाठशाला प्रारंभ किया। महिलाओं को शिक्षित करने के अभियान में उनका साथ बखूबी उनकी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले ने भी दिया।

श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से राकेश सिन्हा, सतीश पॉल मुंजनी, सोनाल शांति, अभिलाष साहू, राजन वर्मा खुर्शीद हसन रूमी, रितेश भारद्वाज, सलमा बानो, सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित