झाबुआ , मार्च 31 -- मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में गिरते भूजल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नेहा मीना ने पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह निर्णय मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 (संशोधित 2002) की धारा-3 के तहत लिया गया है। साथ ही धारा 6(1) के अंतर्गत जिले में नलकूप (बोरवेल) खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 30 जून 2026 तक अथवा वर्षा प्रारंभ होने तक प्रभावी रहेगा।
आदेश के अनुसार सार्वजनिक पेयजल स्रोतों से बिना अनुमति किसी भी प्रकार का उपयोग जैसे सिंचाई, औद्योगिक या अन्य कार्यों के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता पड़ने पर जल स्रोतों का अस्थायी अधिग्रहण भी किया जा सकेगा, जिसके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अधिकृत किया गया है। निजी नलकूप खनन पर पूरी तरह रोक रहेगी, हालांकि विशेष परिस्थितियों में अनुमति के लिए संबंधित एसडीएम के समक्ष आवेदन किया जा सकता है, जिसके साथ 50 रुपये की चालान रसीद संलग्न करना अनिवार्य होगा।
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