पटना , अप्रैल 11 -- बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शनिवार को कहा कि ज्योतिबा फुले समतामूलक, न्यायपूर्ण और शिक्षित समाज के प्रबल पक्षधर थे।

डॉ. प्रेम कुमार ने आज भारत के महान समाज सुधारक, शिक्षाविद्, स्वतंत्रता सेनानी एवं मानवता के अग्रदूत महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें भावभीनी भावांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले समतामूलक, न्यायपूर्ण और शिक्षित समाज के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने 19वीं सदी के दौर में सामाजिक कुरीतियां और जातिगत भेदभाव से जकड़े समाज के मध्य सत्य, न्याय और समानता की मशाल जलाई। उन्होंने वर्ष 1848 में पुणे में स्थापित प्रथम बालिका विद्यालय ने नारी शिक्षा का ऐतिहासिक सूत्रपात किया।

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने दलितों, शोषितों और वंचितों को सामाजिक न्याय के निमित्त 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की। उनकी कृति 'गुलामगिरी' ने दासता की जंजीरों को वैचारिक स्तर पर तोड़ा। उनका व्यक्तित्व,कृतित्व और नेतृत्व सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

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