नैनीताल , फरवरी 16 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन में अंग्रेजी वर्तनी में जनजातीय क्षेत्र जौनसारी का नाम गलत प्रकाशित होने के मामले में सोमवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से संशोधन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मधु चौहान की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद आज ये निर्देश जारी किए गए।
आज केंद्र सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दायर किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि इससे पहले खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस मामले में संशोधन के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा था। इसके बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह में स्थिति स्पष्ट करे कि केंद्र सरकार के गजट नोटिफिकेशन में संशोधन के लिए केंद्र सरकार को कोई प्रस्ताव भेजा गया है और इस मामले में दो सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
दायर याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड का जनजातीय क्षेत्र जौनसार है, यहां जौनसारी समुदाय के लोग रहते हैं। जनजातीय लोगों को भारत सरकार की ओर से अनेक योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
आगे कहा गया कि उत्तराखंड बनने के बाद भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन की अंग्रेजी वर्तनी में जौनसारी का नाम जानसारी प्रकाशित हो गया है, जिसके कारण जौनसारी समुदाय के लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लंबे समय से लाभ नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार को शिकायत भेजी गयी लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से मांग की गयी कि इसमें संशोधन के लिये आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया जाए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित