नयी दिल्ली , अप्रैल 16 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को लोक सभा में कहा कि महिलाओं को विधायिका में 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े विधेयकों का जो दल विरोध करेंगे, उनका राजनीतिक नुकसान होना निश्चित है।
श्री मोदी ने परिसीमन विधेयक 2026, संविधान ( एक सौ इकतीसवां संशोधन ) विधेयक 2026 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 पर एक साथ हो रही चर्चा के दौरान कहा कि जो दल इन विधेयकों का राजनीतिक कारणों से विरोध कर रहे हैं, उन्हें चुनावों में इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने सभी दलों से इन विधेयकों का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि वह इसका श्रेय उन्हें देने को तैयार हैं। वह सरकार की ओर से विज्ञापन देकर इसका समर्थन करने वाले विपक्षी दलों का इसका श्रेय देने के साथ-साथ विपक्षी नेताओं के चित्र भी विज्ञापनों में छपवा देंगे।
श्री मोदी ने कहा, "ये विधेयक देश की दिशा और दशा तय करने वाले साबित होंगे। उन्होंने कहा, " इस अवसर को हम जाने न दें। सर्वसम्मति से इन्हें पारित करें। हम शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने वाले सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं। इस मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह देश की राजनीति और देश की दशा तथा दिशा तय करने वाला होगा। देश आगे बढ़ रहा है। हम चाहते हैं कि विकसित भारत में 'सबका साथ, साथ विकास समाहित' हो।पचास प्रतिशत जनसंख्या नीति निर्धारण का हिस्सा बने, हमें ऐसी व्यवस्था करनी ही चाहिए। पहले ही बहुत देर हो गयी है।"उन्होंने कहा कि इन विधेयकों का यदि सभी दल साथ देते हैं तो इसका लाभ किसी एक पक्ष में नहीं जायेगा। सभी दल इसका राजनीतिक लाभ ले सकेंगे।
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