, March 18 -- लखनऊ, 18 मार्च वार्ता ) उत्तर प्रदेश में नवनिर्मित जेवर हवाई अड्डा का 28 मार्च को उद्घाटन हो सकता है। इसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंंत्री नरेन्द्र मोदी से अनुरोध किया है।
योगी ने बुधवार को 'नव निर्माण के 9 वर्ष' पुस्तक के विमोचन अवसर पर उत्तर प्रदेश को तेजी से विकसित हो रही अवसंरचना के रूप में प्रस्तुत किया और बताया कि उन्होंने श्री मोदी से 28 मार्च को जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लोकार्पण का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर हवाई अड्डा के शुरू होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और राज्य सरकार को लगभग एक लाख करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा और वायु गुणवत्ता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई पहचान देगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 16 हवाई अड्डा संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शामिल हैं। जेवर पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इसके साथ ही यूपी देश का प्रमुख कनेक्टिविटी हब बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य इसी महीने पूरा होने जा रहा है। इसके बाद देश में कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन और ब्लॉक-तहसील मुख्यालयों को टू-लेन/फोरलेन सड़कों से जोड़ा जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने हालिया जापान, सिंगापुर और जर्मनी की यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के मंत्री और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश में 'जीरो टॉलरेंस' और 'जीरो करप्शन' की नीति से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है, जबकि छह लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया में हैं।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में सुरक्षा, स्पष्ट नीतियों और लैंड बैंक की कमी के कारण निवेश नहीं आता था। जहां पहले 14 हजार से कम उद्योग थे, वहीं अब 31 हजार से अधिक बड़े उद्योग स्थापित हो चुके हैं। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नोएडा जाने को लेकर अंधविश्वास था, जिसे उनकी सरकार ने समाप्त किया। उन्होंने कहा कि यदि यह बाधा नहीं हटाई जाती, तो आज देश में मोबाइल निर्माण का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में संभव नहीं हो पाता।
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