चंडीगढ़ , दिसंबर 26 -- पंजाब के जेल मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शुक्रवार को कहा कि चालू वर्ष के दौरान पंजाब की जेलों को स्वच्छ वातावरण से लेकर उच्च-तकनीकी सुरक्षा तक पुनर्परिभाषित किया गया है।
उन्होंने कहा, " हमारा ध्यान कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जीवन को दोबारा संवारने का अवसर देने पर रहा है।"वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए श्री भुल्लर ने बताया कि कैदियों को खेल भावना और शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं ऊर्जावान रहने की ओर प्रेरित करने के लिए पंजाब जेल ओलंपिक का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि जेलों में पौधारोपण अभियान से कई स्थान हरियाली में तब्दील हुए हैं, जिससे 'स्वच्छ और हरित' दृष्टिकोण को और मजबूती मिली है।
जेल मंत्री ने बताया कि जेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गोर्शियां कादरबख्श, लुधियाना में 100 करोड़ रुपये की लागत से नयी उच्च-सुरक्षा जेल का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार मोहाली में 'जेल भवन' मुख्यालय का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 815 वार्डर और 32 मैट्रन की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा 175 वार्डर और 4 मैट्रन की भर्ती शीघ्र पूर्ण होने वाली है। साथ ही 13 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-2, 29 सहायक सुपरिंटेंडेंट, 451 वार्डर और 20 मैट्रन की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। इसके अतिरिक्त पेस्को के 509 अन्य कर्मचारियों की भर्ती की जा चुकी है और 359 और पेस्को कर्मचारियों की भर्ती शीघ्र की जा रही है। इसके अलावा केंद्रीय जेल बठिंडा में सीआरपीएफ की एक और कंपनी तैनात कर दी गयी है। जेल मंत्री ने बताया कि चालू वर्ष के दौरान आधुनिक सुरक्षा उपकरण जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सीसीटीवी, एक्स-रे बैगेज स्कैनर, बॉडी-वॉर्न कैमरे आदि, 126 करोड़ रुपये की लागत से जेलों के लिए खरीदे जा रहे हैं। जेलों में मोबाइल फोन के उपयोग को रोकने के लिए उच्च-ऊर्जा जैमर पंजाब की 13 संवेदनशील जेलों में लगाये जा रहे हैं।
जेल मंत्री ने बताया कि कैदियों द्वारा संचालित नौ पेट्रोल पंप लुधियाना, फिरोजपुर, होशियारपुर, पटियाला, नाभा, रोपड़, फाजिल्का, नयी जेल नाभा और संगरूर में शुरू किये गये हैं। इसके अलावा आने वाले समय में तीन और पेट्रोल पंप चालू किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब की जेलों में वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, ब्यूटीशियन, सिलाई आदि जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों के तहत 11 जेलों में आईटीआई खोलकर कोर्स शुरू किये गयेहैं, जिनके माध्यम से लगभग 1016 बंदियों को प्रमाणित प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
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