रांची , अप्रैल 26 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 2026 रविवार को राज्यभर में शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।

परीक्षा का आयोजन रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, हजारीबाग और देवघर सहित छह जिलों में किया गया, जिसमें करीब 1.75 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। राज्यभर में कुल 434 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें रांची में 117, जमशेदपुर में 93, धनबाद में 70 और हजारीबाग में 67 केंद्र शामिल रहे। परीक्षा एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित हुई।

परीक्षा के निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती रही। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त बल लगाया गया, जबकि उड़नदस्ता टीमें लगातार सक्रिय रहीं।

विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रही। इसके तहत भीड़ जुटाने, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, हथियार लेकर चलने और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई। इसका असर यह रहा कि सभी केंद्रों के आसपास शांत और नियंत्रित वातावरण बना रहा।

इस बार परीक्षा में तकनीक का भी व्यापक उपयोग हुआ। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आईरिस अटेंडेंस सिस्टम लागू किया गया। कई केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और कुछ स्थानों पर लाइव मॉनिटरिंग भी की गई। प्रवेश के दौरान सघन जांच की गई और मोबाइल, स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहा।

रांची समेत सभी जिलों में उपायुक्तों के नेतृत्व में परीक्षा की लगातार मॉनिटरिंग की गई। अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासनिक समन्वय के कारण परीक्षा पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

अभ्यर्थियों ने भी व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया। समय पर प्रवेश, स्पष्ट दिशा-निर्देश और अनुशासित माहौल के बीच परीक्षा देने में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने सेंटर आवंटन को लेकर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पर्याप्त केंद्र होने के बावजूद उन्हें दूर-दराज के जिलों में परीक्षा केंद्र दिए गए, जिससे यात्रा और समय प्रबंधन में कठिनाई हुई। उन्होंने भविष्य में इस प्रक्रिया को और संतुलित बनाने की मांग की है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रणाली के जरिए ही आयोजित किया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित