जयपुर , दिसंबर 20 -- देश की प्रमुख बी2बी और बी2सी ज्वैलरी प्रदर्शनी 'जयपुर ज्वैलरी शो' (जेजेएस) में दूसरे दिन शनिवार को देश-विदेश से आए लगभग 14 हजार ज्वैलरी रिटेलर्स, ट्रेडर्स और खरीदारों की भागीदारी से रौनक बढ़ गई वहीं इसमें जयपुर ज्वैलरी डिजाइन फेस्टिवल (जेजेडीएफ) आकर्षण का केन्द्र बन गया।

शो में जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आभूषण प्रेमियों की भारी भीड़ रही और प्रदर्शनी में पारंपरिक और आधुनिक डिज़ाइनों का बेहतरीन संगम देखने को मिल रहा है। इस वर्ष रंगीन जेमस्टोन्स पर केंद्रित शो में गोल्ड, डायमंड, कुंदन, पोल्की, और सिल्वर ज्वैलरी की भी विस्तृत रेंज आगंतुकों को खासा आकर्षित कर रही है वहीं शो में डिज़ाइनर बूथ्स भी आगंतुकों के बीच खासा चर्चा का विषय बने हुए हैं। सोमवार तक चलने वाले इस चार दिवसीय शो की थीम 'कलर्ड जेमस्टोन्स- शेपिंग ड्रीम्स इन एवरी कलर' है।

जेजेएस के मानद सचिव राजीव जैन ने बताया कि आगंतुक न केवल आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि स्टॉल ऑनर्स और डिज़ाइनर्स से सीधे संवाद कर ज्वैलरी ट्रेंड्स, निर्माण प्रक्रिया और बाजार की नवीनतम जानकारियां भी प्राप्त कर रहे हैं वहीं, व्यापारिक दृष्टि से भी यह शो रिटेलर्स और ट्रेडर्स के लिए नेटवर्किंग और नए व्यापारिक अवसरों का एक कुशल मंच साबित हो रहा है।

श्री जैन ने बताया कि शो के दौरान जेजेएस ऑर्गेनाइजिंग कमेटी और पहली बार आए ताइवान प्रतिनिधिमंडल के बीच एक बैठक आयोजित की गई जिसमें ताइवान प्रतिनिधिमंडल ने शो की व्यवस्थाओं और व्यापारिक अवसरों पर संतोष व्यक्त किया और अगले वर्ष भी जेजेएस में दोबारा भागीदारी करने की इच्छा जताई। उल्लेखनीय है कि ताइवान प्रतिनिधिमंडल के 90 प्रतिशत सदस्य पहली बार भारत में आए।

शो के दौरान जीआईए द्वारा प्रस्तुत 'द अल्योर ऑफ नवरत्न' विषय पर एक विशेष नॉलेज सेशन का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य दर्शकों को नौ ग्रहों से जुड़े नौ रत्नों के महत्व से परिचित कराना और उन्हें जागरूक करना था। इस सत्र में बताया गया कि प्रत्येक रत्न के अपने विशिष्ट गुण, ऊर्जा और मूल्य होते हैं, साथ ही इन्हें धारण करते समय सही स्थान और सटीक रंग का चयन कितना महत्वपूर्ण होता है।

इसके अतिरिक्त, 'द जयपुर इफैक्ट - द न्यू रोमांस ऑफ ग्लोबल लग्जरी' विषय पर भी एक सत्र आयोजित हुआ जिसमें जयपुर की कारीगरी, आध्यात्मिकता और भव्य सौंदर्य की आज समकालीन लग्ज़री के समय में उसकी पहचान पर चर्चा की गई।

जेजेएस के उपाध्यक्ष दिनेश खटोरिया ने बताया कि जेजेएस इस वर्ष आठवीं बार जेजेडीएफ की मेजबानी कर रहा है। यह फेस्टिवल डिज़ाइन एजुकेशन, कारीगरी और बिज़नेस एक्सपोज़र को एक ही मंच पर लाने का कार्य करता है। इस फेस्टिवल का उद्देश्य ज्वैलरी डिजाइनरों और आर्टिजंस को प्रोत्साहित करना और बढ़ावा देना रहा है। जिसे आम ग्राहक निर्माण प्रक्रिया के करीब से अनुभव कर सकें एवं आर्टिजंस के हुनर को समझ सकें। इस कारण जेजेडीएफ आकर्षण का केन्द्र बन गया।

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