जयपुर , अप्रैल 09 -- राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया हैं।
एसीबी के पुलिस महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने यहां मीडिया को बताया कि पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को नयी दिल्ली से हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तार से पहले इस मामले में चार लोगों की तलाश थी और अब इस मामले में अभी भी तीन लोगों को और गिरफ्तार किया जाना शेष हैं।
श्री गुप्ता ने बताया कि इस मामले के अनुसंधान से फर्म मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कम्पनी प्रोपराईटर श्री महेश मित्तल व फर्म मैसर्स श्री श्याम ट्यूबैवल कम्पनी प्रोपराईटर श्री पदमचन्द जैन द्वारा इरकॉन इन्टरनेशनल लि० के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ मिली भगत कर राज्य में इन दोनों फर्मों के नाम जारी विभिन्न टेण्डरों में इरकॉन इन्टरनेशनल लि. के फर्जी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र लगाकर करीब 960 करोड रूपये के टेण्डर प्राप्त कर करोडो रूपयों का भ्रष्टाचार करना प्रकट हुआ।
इसके अतिरिक्त सुबोध अग्रवाल तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव पीएचईडी एव अन्य उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा आपराधिक मंशा से मेजर प्रोजेक्टस (50 करोड रूपये से उपर) की निविदाओं में साइट विजिट प्रमाण-पत्र की बाध्यता को नियमो के विरूद्ध निविदा में शामिल कर बोली दाताओ की पहचान को उजागर कर टेण्डर पुलिंग करने के फलस्वरूप 30 से 40 प्रतिशित तक अप्रत्याशित उंचे टेण्डर प्रीमियम प्राप्त हुए, जिनका पीएचईडी के अधिकारियों द्वारा अनुमोदन कर व्यापक स्तर पर पद का दुरूपयोग करना प्रमाणित हुआ है। इन टेंडर की कुल राशि लगभग 20 हजार करोड़ रूपये है।
प्रकरण में 10 आरोपी दिनेश गोयल हाल मुख्य अभियन्ता प्रशासन, के. डी. गुप्ता हाल मुख्य अभियन्ता ग्रामीण, सुभांशु दीक्षित, तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची हाल अति. मुख्य अभियन्ता, जयपुर क्षेत्र-द्वितीय, सुशील शर्मा हाल वितीय सलाहकार अक्षय उर्जा, निरिल कुमार हाल मुख्य अभियन्ता चुरू,विशाल सक्सेना अधिशाषी अभियन्ता हाल निलम्बित, अरूण श्रीवास्तव अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता हाल सेवानिवृत, डी. के. गौड तत्कालीन मुख्य अभियन्ता एवं तकनीकी सदस्य हाल सेवानिवृत, महेन्द्र प्रकाश सोनी तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता हाल सेवानिवृत्त एवं मुकेश पाठक प्राईवेट व्यक्ति को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।
मामले में तीन फरार आरोपियों में मुकेश गोयल तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, जितेन्द्र शर्मा तत्कालीन अधिशाषी अभियता एव सजीव गुप्ता प्राईवेट व्यक्ति के खिलाफ न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी के लिए स्थायी वारण्ट जारी किये गये है तथा इन तीनों आरोपियों को उद्घोषित अपराधी घोषित कराये जाने एवं उनकी सम्पत्ति कुर्की की कार्यवाही की जा रही है।
उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण में पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तारी से राहत प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी सुबोध अग्रवाल से विस्तृत पूष्ठताछ एवं अग्रिम कार्यवाही जारी हैं।
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