जयपुर , फरवरी 16 -- राजस्थान में युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने गत दो वर्षों में 186 खिलाड़ियों को राजकीय सेवाओं में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां प्रदान की हैं और आगामी जून तक 300 खिलाड़ियों को नियुक्ति देने के प्रयास किये जा रहे हैं।
कर्नल राठौड़ प्रश्नकाल में विधायक गोविन्द प्रसाद के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि गत सरकार द्वारा संपूर्ण कार्यकाल में केवल 248 खिलाड़ियों को नियुक्तियां दी थीं। उन्होंने बताया कि पदक प्राप्त खिलाड़ियों की राजकीय सेवाओं में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है, इसके लिए एक निर्धारित एवं पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है। उन्होंने बताया कि नियुक्ति के लिए खिलाड़ियों के पास संबंधित प्रतियोगिताओं के वैध प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। इन प्रमाण-पत्रों का सत्यापन संबंधित खेल संघों के माध्यम से कराया जाता है। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत पात्र खिलाड़ियों को नियमानुसार नियुक्ति प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्कूल चैम्पियनशिप, एशियन स्कूल चैम्पियनशिप, स्कूल नेशनल गेम्स में पदक विजेता खिलाड़ियों को राजस्थान लोक सेवा आयोग के क्षेत्राधिकार के पदों को छोडकर सभी पदों की सीधी भर्ती में दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। इससे पहले श्री प्रसाद के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप पुरस्कार के नियम एवं मापदंड के अनुसार खेल और खेलों के क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियों प्राप्त करने वाले खिलाडियों एवं खेलों को बढ़ावा देना तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्य के पांच उत्कृष्ट खिलाडियों को प्रतिवर्ष महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि इसमें पांच लाख रूपये नकद, महाराणा प्रताप की कांस्य प्रतिमा, ब्लेजर एवं टाई एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। उन्होंने बताया कि गत पांच वर्षों में राज्य के किसी भी खिलाड़ी को महाराणा प्रताप पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है।
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