भागलपुर , मार्च 28 -- जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शनिवार कहा कि बिहार में पार्टी के संगठन को पुनर्गठित करने और मजबूत बनाने के उद्देश्य से जुलाई महीने से राज्य भर में बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।

श्री किशोर आज अपने "बिहार नवनिर्माण अभियान" के तहत बांका पहुंचे और संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद वह जन सुराज के नेताओं के साथ पश्चिम चंपारण स्थित गांधी भितिहरवा आश्रम गये और एक दिन का उपवास रखा था। उन्होंने कहा कि जन सुराज ने चुनाव के बाद यह घोषणा की गई थी कि प्रदेश में बनी नई सरकार को अपने वादों को पूरा करने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि छह महीने के पूरा होते ही जनसुराज के नेता और कार्यकर्ता सरकार को उसके चुनावी वादों की यद् दिलाना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता 'बिहार नवनिर्माण अभियान' के तहत घर-घर जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दरम्यान पार्टी को वर्षों तक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए वह हर जिले में जाकर संगठन को पुनर्गठित कर रहे हैं।

श्री किशोर ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार बिहार चुनाव जातीय समीकरण की जगह सरकारी धन बल से जीते गए। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव से ठीक पहले सरकार ने महिलाओं के खाते में 10 हजार हस्तांतरित किये और हर विधानसभा क्षेत्र में 60 से 70 करोड़ रुपये खर्च कर वोट खरीदे थे। उन्होंने कहा श्री कुमार को जनता का स्वत स्फूर्त समर्थन नहीं मिला है और चुनाव परिणामों को भाजपा के सहयोग से भ्रष्ट तरीके अपना कर प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि 202 विधायकों के समर्थन के बावजूद नीतीश कुमार को 3 महीने में ही मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ रहा है।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि बिहार चुनाव में जीत मुख्यमंत्री श्री कुमार या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की लोकप्रियता की नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसे प्रधानमंत्री मोदी ,अमित शाह, धन के उपयोग और चुनाव आयोग की मदद से प्रभावित किया गया था।

श्री किशोर ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के सवाल पर कहा कि मुख्यमंत्री कोई भी बने बिहार की सरकार अब खुद की कम और गुजरात की ज्यादा चिंता करेगी।

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