नयी दिल्ली , फरवरी 26 -- डीएसए सीनियर डिवीजन लीग में एथलेटिको 'जुबा (युवा) संघा' एक ऐसा क्लब उभरकर आया है, जिसने तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए धमाकेदार प्रदर्शन के साथ प्रीमियर लीग (डीपीएल) में खेलने का हक हासिल किया है। जुबा संघा के अलावा वायुसेना और ड्रीम टीम भी डीपीएल में जगह बनाने में सफल रही हैं लेकिन चैंपियन जुबा संघा ने सिर्फ खिताब नहीं जीता बल्कि दिल्ली की फुटबॉल के तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर मुख्य लीग में स्थान पाया है। तारीफ की बात यह है कि जुबा संघा ने सभी मैच जीतकर पूरे अंकों के साथ ऐसा करिश्मा किया है, जो कि दिल्ली लीग में आज तक कोई भी क्लब नहीं कर पाया।
बेशक, विजेता टीम की जीत में सभी खिलाड़ियों और कोच कुलभूषण की सटीक योजना का हाथ रहा। दिल्ली के जाने-माने पूर्व खिलाड़ी से कोच बने कुलभूषण खुद भी मंजे हुए स्ट्राइकर रहे हैं। उनकी देखरेख में चैंपियन टीम ने पूर्ण सफाए के साथ मुख्य लीग के तमाम क्लबों को सावधान किया है। लेकिन इस शानदार कामयाबी के पीछे टीम प्रबंधक सुशांत की मेहनत, सूझबूझ और टीम भावना का सबसे बड़ा रोल रहा है, जिसकी दूरदृष्टि और फुटबॉल के प्रति समझ की जितनी भी तारीफ की जाए कम होगा। यही कारण है कि दिल्ली की फुटबॉल से जुड़े हुए बहुत से क्लब अधिकारी और खिलाड़ी यहां तक कहते देखे गए कि प्रदेश और देश की फुटबॉल को सुशांत जैसे नेतृत्व की जरूरत है।
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