बक्सर , फरवरी 06 -- बिहार में बक्सर जिले के चौगाई प्रखंड में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) ने शुक्रवार को रोजगार सह मार्गदर्शन मेला का आयोजन किया।

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत जीविका, बिहार द्वारा ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण के साथ स्वरोजगार या रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चौगाई प्रखंड के चौगाई मैदान के प्रांगण में रोजगार-सह-मार्गदर्शन मेला का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से जिला के युवा अभ्यर्थियों के लिए रोजगार पाने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।

रोजगार सह मार्गदर्शन मेला में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती साहिला, जिला पदाधिकारी, बक्सर ने भाग लिया तथा युवाओं को देश तथा समाज के भविष्य का वाहक बताया। जिला पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र की सभी महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जीविका द्वारा विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। युवाओं को चाहिए कि वे ऐसे अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएँ तथा डीडीयू-जीकेवाई के अंतर्गत निःशुल्क प्रशिक्षण एवं रोजगार से जुड़कर अपने भविष्य को सुदृढ़ करें। सशक्त युवा ही समाज के भविष्य को उज्जवल बनाता है।

बक्सर में आयोजित इस रोजगार मेले में 14 विभिन्न कंपनियों के स्टाल लगाये गए थे। इसमें 875 युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया, जिसमें से 256 युवाओं को रोजगार के लिए सीधे तौर पर प्राथमिक रूप से चयन किया गया। इसके साथ ही 210 युवाओं ने रोजगार के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।

बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में जीविका द्वारा विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। कौशल विकास कार्यक्रमों के द्वारा जीविका अनतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों के 18 से 35 वर्ष के बेटे-बेटियों को भी उनके योग्यता एवं हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जा रहा हैं।

बिहार में जीविका के तत्वाधान में ग्रामीण युवक-युवतियों को स्वरोजगार एवं नौकरी उपलब्ध कराने में दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रोजेक्ट उन्नति का अहम योगदान है। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत 15 से 35 वर्ष के ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दी जाती है। इसके लिए जीविका द्वारा प्रखंड स्तर पर रोजगार-सह-मार्गदर्शन मेला का आयोजन किया जाता है। देश के नामी-गिरामी कम्पनियाँ रोजगार-सह-मार्गदर्शन मेला में चयनित गाँव के युवक-युवतियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के लिये प्रशिक्षित करते हुए रोजगार उपलब्ध कराती हैं।

इस कार्यक्रम का माध्यम से बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार मिल रहा है । युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देने के लिए जीविका परियोजना का क्रियान्वयन एजेंसियों के साथ करार भी हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में निवास कर रहे युवाओं को ग्रामीण क्षेत्र में ही रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर निर्धारित एवं उचित मानदेय पर रोजगार मिल रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहन भी मिल रहा हैl दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल रही है।

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