ग्वालियर , मार्च 13 -- मध्यप्रदेश के जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के बीच शिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत शैक्षणिक और शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया है। इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजकुमार आचार्य और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत किया जाएगा। इसके माध्यम से दोनों संस्थानों के छात्र और शिक्षक एक-दूसरे की शोध सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और अकादमिक संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।

इस समझौते के अंतर्गत संयुक्त अनुसंधान कार्य, संकाय और छात्र विनिमय कार्यक्रम, पाठ्यक्रम विकास, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन जैसे विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह एमओयू आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इसके माध्यम से छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।

इसके अतिरिक्त यह समझौता उच्च शिक्षा में समान अवसर और समावेशिता को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे और छात्रों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर राजकुमार आचार्य, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज, प्रोफेसर समीर भाग्यवंत सहित विश्वविद्यालय के अन्य प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित थे।

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