जयपुर , जनवरी 22 -- भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल ने गुरुवार को जयपुर में आगामी केन्द्रीय बजट 2026-27 पर केन्द्र सरकार को सुझाव के लिए परिचर्चा का आयोजन किया जिसमें जीएसटीआर-2बी आधारित आईटीसी रोकने की समस्या का स्थायी समाधान, रिवर्सल क्लेम एवं रिक्लेम प्रक्रिया आसान करने, एसटीआर-1 समय पर दाखिल करने के लिए ऑटो पोपुलेशन व्यवस्था लागू करने एवं ब्याज दर 18 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत करने सहित कई सुझाव दिए गए।

मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि इसके अलावा एक लाख तक की वार्षिक टैक्स डिमाण्ड को राईट-ऑफ करने, ई-इनवॉइस की गलती सुधारने की समय-सीमा एक महीना हो। ई-वे बिल की लिमिट पांच लाख रुपये तक करने आदि ऐसी समस्याएं है जो अभी भी जीएसटी रिटर्न भरने एवं समय पर भुगतान करने में दिक्कते खड़ी कर रही है जिनका तुरन्त प्रभाव से सरलीकरण आवश्यक है।

श्री गुप्ता ने बताया कि आयकर कानून के नियम एवं उप नियमों में सुधार की जरुरत हैं जिनमें 30 प्रतिशत की स्लैब को 36 से 40 लाख की इनकम वालों पर शुरू करने, गृह ऋण लेने वाले व्यक्तियों के लिये (अन्डर सेक्शन 24बी) ऋण पर आयकर छूट 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करने, नौकरीपेशा व्यक्ति के लिये स्टैण्डर्ड डिडक्शन को एक लाख से इन्फलेशन के अनुसार बढ़ाने, सेक्शन-डी की लिमिट 1.25 लाख से बढ़ायी जाने,बिजनेस रिफॉर्म के लिये आवश्यक है कि कॉर्पोरेट टैक्स की तरह पार्टनरशिप फर्म्स के लिये भी आयकर की दर घटाते हुए 25 प्रतिशत के दायरे में लाया जाए।

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