हैदराबाद , जनवरी 31 -- वृहत हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) परिषद ने शनिवार को 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए 11,460 करोड़ रुपये के बजट को मंज़ूरी दी। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास और शहर के सफ़ाई प्रणाली को मजबूत करने पर ज़ोर दिया गया है।

जीएचएमसी की 10वीं विशेष परिषद बैठक में बजट पेश करते हुए महापौर गडवाल विजयलक्ष्मी ने कहा कि अपने पांच साल के कार्यकाल में नागरिकों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए नागरिक बुनियादी ढांचे में सुधार, ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क और जंक्शन विकास, सेवाओं के डिजिटलीकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी गयी।

बजट विवरण के अनुसार, जीएचएमसी ने 6,441 करोड़ रुपये की आय और 4,057 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया है, जिससे 2,384 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष प्राप्त हुआ है। इसमें 400 करोड़ रुपये के राजस्व अनुदान शामिल किये गये हैं, जबकि हाल ही में शामिल की गयी 27 नगर पालिकाओं के लिए 2,260 करोड़ रुपये निर्धारित किये गए हैं। इनसे 1,860 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

इस अवसर पर महापौर विजयलक्ष्मी ने बताया कि वर्तमान परिषद का कार्यकाल 10 फरवरी को समाप्त हो जायेगा। उन्होंने सहयोग के लिए उपमहापौरों, पार्षदों, आयुक्तों, अधिकारियों, स्वच्छता कर्मचारियों और नागरिकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि परिषद और अधिकारियों के सामूहिक प्रयासों से जीएचएमसी को कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिले और इससे पारदर्शी व जवाबदेह शासन की एक मजबूत नींव रखी गयी।

उपमहापौर मोथे श्रीलता शोभन रेड्डी ने कहा कि कई विकास कार्यक्रमों का सफल कार्यान्वयन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय का नतीजा है।

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