मेलबर्न , दिसंबर 30 -- ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच चौथा एशेज टेस्ट सिर्फ दो दिन में खत्म होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्रेग चैपल ने कहा है कि दोनों टीमों को खेल के उस फॉर्मेट की इज़्जत करनी चाहिए जिसने उन्हें पहचान दी है।

गौरतलब है कि यहां मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया मुकाबला दूसरे दिन के तीसरे सत्र में खत्म हो गया। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के सामने 178 रन का लक्ष्य रखा, जिसे बेन स्टोक्स की टीम ने छह विकेट गंवाकर हासिल कर लिया।

चैपल ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के लिये लिखे गये एक लेख में कहा, "इतिहास के पन्नों में दर्ज 'मॉन्युमेंट्स मेन' वे लोग हैं जो अतुल्य खज़ानों की रक्षा करते हैं। ये ऐसे महिला और पुरुष कलाकारों, इतिहासकारों, शिल्पकारों और संग्रहालय निदेशकों का का समूह था जिन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर जंग में झोंके गये कला और शिल्प के शाहकारों की हिफाज़त की"उन्होंने कहा, "हमें एशेज को भी इसी तरह देखना चाहिए। सन 1877 में शुरू हुई 148 साल पुरानी यह 'दुश्मनी' अब अपने 150 साल पूरे करने के बहुत करीब है। ऐसे में जब बॉक्सिंग डे टेस्ट सिर्फ दो दिन में खत्म हो जाता है तो मन में इस पवित्र विरासत के लिये डर पैदा होता है।"चैपल ने कहा कि जो मैच टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े आयोजन के वैभव की मिसाल बन सकता था, वह एक तमाशा बनकर रह गया। इस अनंत प्रतियोगिता में बंधे हुए दो देश इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया अपने दर्शकों को सिर्फ दो दिन का मुकाबला ही परोस सके। चैपल ने मैच के जल्दी खत्म होने के लिये पिच क्यूरेटर मैट पेज को ज़िम्मेदार ठहराने के बजाय बल्लेबाज़ों की कुशलता पर सवाल उठाया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित