गौतमबुद्धनगर , अप्रैल 18 -- उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिला परिवहन विभाग ने बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए विशेष सघन अभियान शुरू किया है।
एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
जिला एआरटीओ (प्रवर्तन) द्वारा शनिवार को अभियान की जानकारी देते हुए बताया गया कि, अभियान के दौरान विशेष रूप से उन वाहनों को निशाने पर लिया जा रहा है जिनमें मॉडिफाइड साइलेंसर (पटाखे जैसी आवाज करने वाले), अवैध सायरन और प्रेशर हॉर्न लगे हुए हैं।
परिवहन विभाग की टीमों ने सड़क पर जांच के दौरान ऐसे कई वाहनों को पकड़ा और मौके पर ही 10,000 रुपए तक का जुर्माना लगाया। साथ ही, नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी की गई।
यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के तहत की जा रही है, जिसमें वाहन में अनधिकृत बदलाव को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है। विभाग का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज आवाज वाले हॉर्न न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि आम लोगों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनते हैं।
इस अभियान के तहत केवल वाहन चालकों पर ही नहीं, बल्कि वर्कशॉप और मोटर गैरेज संचालकों पर भी नजर रखी जा रही है। एआरटीओ डॉ. पाण्डेय ने कई वर्कशॉप का औचक निरीक्षण कर संचालकों को सख्त चेतावनी दी कि वे अवैध उपकरणों की बिक्री या फिटिंग से दूर रहें। ऐसा करते पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने जनपद के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध संशोधन न कराएं और निर्धारित मानकों का पालन करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि शहर में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित कर शांत और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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