खरगोन , दिसंबर 14 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिला अस्पताल में प्रदर्शित हेल्पलाइन नंबर के बंद पाए जाने पर जिला प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शनिवार रात पूर्व निर्धारित निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल परिसर में दीवार पर लिखे हेल्पलाइन नंबर पर अपने मोबाइल से कॉल किया, लेकिन नंबर बंद मिला।

इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने नाराजगी जताते हुए हेल्पलाइन की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए और तत्काल सिविल सर्जन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। अधिकारियों ने बताया कि यह हेल्पलाइन सेवा एक आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से संचालित की जा रही है। लापरवाही को गंभीर मानते हुए मंत्री ने जिला कलेक्टर भव्या मित्तल को संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कंपनी को नोटिस जारी किया जाए और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसकी सेवाएं समाप्त की जाएं।

निरीक्षण के दौरान खरगोन-बड़वानी लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल और राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी भी मौजूद रहे। मंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

पत्रकारों से चर्चा में विश्वास सारंग ने कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील सेवाओं का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई जवाबदेही तय करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।

प्रभारी मंत्री ने जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न विकास कार्यों को लेकर निर्देश भी दिए। उन्होंने मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर पत्रकारों से चर्चा की। वहीं जिला कांग्रेस ने बयान जारी कर मंत्री विश्वास सारंग से किसानों को खाद की उपलब्धता, फसलों के उचित दाम, सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली और जनता से किए गए वादों को लेकर सवाल उठाए।

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