रामनगर , फरवरी 11 -- उत्तराखंड के रामनगर स्थित पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' बहुउद्देशीय शिविर में बुधवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। शिविर में करीब 100 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से कई का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
जिलाधिकारी रयाल ने स्पष्ट कहा कि सरकार की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विशेष अभियान चलाकर दूरस्थ गांवों तक पहुंचें और समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष आकाश आर्या द्वारा रामनगर में बढ़ते नशे पर रोक लगाने की मांग उठाई गई, जिस पर डीएम रयाल ने पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
स्मार्ट मीटर में अधिक बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने कमेटी गठित कर मामले की जांच और उचित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा झूलते बिजली के तार, यूपीसीएल से जुड़ी समस्याएं, पेयजल कनेक्शन, जल जीवन मिशन, सिंचाई नहरों की दिक्कतें, गुल की समस्या, बागवानी क्षेत्र की आवश्यकताएं और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण जैसे मुद्दों पर भी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार पहले 43 न्याय पंचायतों में शिविर लगाए गए थे। अब जन आकांक्षाओं को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में भी इन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। रामनगर नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य शहरी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
कोसी नदी क्षेत्र में स्वच्छता, सोलर फेंसिंग, वन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों और नगर की साफ-सफाई को लेकर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि रामनगर एक पुराना शहर है और स्वच्छ भारत मिशन के तहत इसे बेहतर रैंकिंग दिलाने के लिए पालिका को ठोस कदम उठाने होंगे।
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